राजसमंद जिले के सायों का खेड़ा (उपली भागल) में धार्मिक आस्था का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। श्री बोसण माताजी के नव-निर्मित नगारखाना एवं शीतला माताजी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन 6 मई से 10 मई 2026 तक किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में क्षेत्रभर से सभी भक्त शामिल होने वाले है।
मुख्य आयोजन की जानकारी:
आयोजन करता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम कुलदेवी श्री बोसण माताजी की कृपा से आयोजित किया जा रहा है। इसमें समाज के सभी लोगों को परिवार सहित आमंत्रित किया गया है। आयोजन स्थल सायों का खेड़ा (उपली भागल) रखा गया है, जहां पांच दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

कार्यक्रम की तारीख और समय:
महोत्सव की शुरुआत 6 मई 2026 से होगी और 10 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मंगलिक कार्यक्रमों का पूरा शेड्यूल:
| कार्यक्रम | तारीख | समय |
|---|---|---|
| कलश स्थापना | 6 मई 2026 | प्रातः 9 बजे |
| यज्ञ अनुष्ठान | 9 मई 2026 | प्रातः 7 बजे से |
| रात्रि जागरण एवं भजन संध्या | 9 मई 2026 | रात्रि 9 बजे से |
| महाप्रसादी | 9 मई 2026 | शाम 3 बजे से आपके आगमन तक |
| कलश यात्रा | 10 मई 2026 | प्रातः 9 बजे |
| मूर्ति एवं कलश स्थापना | 10 मई 2026 | दोपहर 12 बजे |
विशेष आकर्षण:
इस आयोजन में प्रसिद्ध भजन कलाकार शंभू जी धनगर एंड पार्टी एवं गोविंदसिंह खरवड़ अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही संत महात्मा 1008 श्री अवधेशानंदजी महाराज की पावन उपस्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगी।
महाप्रसादी और भक्तों के लिए व्यवस्था:
9 मई को महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ओर भक्त पधारेंगे। आयोजकों द्वारा भोजन, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।
आयोजन समिति की अपील:
समस्त खरवड़ परिवार (उपली भागल) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की पत्रिका छपाई गई है। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनेगा।
निष्कर्ष:
उपली भागल सायों का खेड़ा में होने वाला यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव क्षेत्र का एक बड़ा धार्मिक आयोजन बनने जा रहा है। 6 से 10 मई तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भजन संध्या, यज्ञ और कलश यात्रा मुख्य आकर्षण रहेंगे। पूरे क्षेत्र से श्रद्धालुओं भक्त हाजिर होंगे। आयोजन कर्ताओं ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह आयोजन आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश देगा।













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